पौड़ी। जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में अखिल भारतीय शिक्षा परिषद की ओर से संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शुक्रवार समापन हो गया। कार्यशाला में समग्र विकास में शिक्षा की भूमिका, आत्म-अन्वेषण, सुख एवं समृद्धि, मानव एवं आत्म में सामंजस्य जैसे मूलभूत विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन संयुक्त मजिस्ट्रेट पौड़ी दीक्षिता जोशी ने करते हुए कहा कि वर्तमान समय में मूल्य-आधारित शिक्षा की अत्यंत आवश्यकता है। ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. वीके बंगा ने कहा कि तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय मूल्यों का समावेश छात्रों को जिम्मेदार, संवेदनशील और समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनाता है। कार्यशाला के शैक्षणिक एवं तकनीकी सत्रों का संचालन विषय विशेषज्ञ प्रो. गौरव मिश्रा ने किया। प्रथम सत्र में समग्र विकास में शिक्षा की भूमिका, आत्म-अन्वेषण, सुख एवं समृद्धि तथा मानव एवं आत्म में सामंजस्य पर प्रकाश डाला गया। द्वितीय सत्र में समृद्धि, स्वास्थ्य एवं परिवार में सामंजस्य विषय पर चर्चा की गई, जिसमें मानवीय मूल्यों की नौ भावनाओं पर गहन विमर्श हुआ। तृतीय सत्र में समाज, प्रकृति एवं अस्तित्व में सामंजस्य पर व्यापक एवं समसामयिक विचार-विमर्श हुआ। समापन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के साथ सामंजस्य का संदेश देते हुए अतिथियों एवं प्रतिभागियों द्वारा पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम का संचालन केडी नारायण, डॉ. संजय सामंत एवं डॉ. मनोज पाठक ने किया।
मूल्य आधारित शिक्षा से समाज में आएगा सकारात्मक बदलाव: दीक्षिता जोशी
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