रुद्रपुर। कल्याणी नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने के उद्देश्य से सिडकुल में स्थापित औद्योगिक इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ मंगलवार को जिला सभागार में बैठक आयोजित की गई। इसमें सीडीओ दिवेश शाशनी ने निर्देश दिए कि बिना ट्रीटमेंट किया गया पानी यदि कल्याणी नदी में छोड़ा गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ ने कहा कि सभी औद्योगिक इकाइयां अपने-अपने ट्रीटमेंट प्लांटों में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें। एक माह बाद कंपनियों से निकलने वाले पानी की सैंपलिंग कर जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी भी कंपनी का दूषित पानी कल्याणी नदी में गिरता पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सीडीओ ने आरएम सिडकुल एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को औद्योगिक इकाइयों में स्थापित ट्रीटमेंट प्लांटों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन कंपनियों में खतरनाक रसायनों का प्रयोग किया जाता है, उनकी सूची तैयार कर नियमित जांच करने को कहा। इसके अलावा कल्याणी नदी के जल की गुणवत्ता जांच के लिए सिडकुल में प्रवेश से पूर्व, सिडकुल क्षेत्र समाप्ति के बाद अटरियां मंदिर के पास और शहर समाप्ति के बाद उत्तर प्रदेश सीमा पर सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए गए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस क्षेत्र में नदी का पानी कितना प्रदूषित हो रहा है। बैठक में एडीएम पंकज उपाध्याय, एसडीएम एवं आरएम सिडकुल मनीष बिष्ट, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एसपी सिंह, सहायक अभियंता सुनील कुमार, दिलदार अली सहित विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के एचआर हेड मौजूद रहे।
कल्याणी नदी में बिना ट्रीटमेंट पानी छोड़ा तो होगी कड़ी कार्रवाई
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