रुद्रपुर। बंगाली समाज की लंबित मांगों को लेकर बंगाली कल्याण समिति उत्तराखंड की ओर से चलाया जा रहा 10 दिवसीय धरना-प्रदर्शन रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर समाज के लोगों ने चार सूत्री मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। समिति पदाधिकारियों ने मांगों का जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। आगामी 20 सितंबर को डीएम कार्यालय कूच की तैयारी भी की जा रही है।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप अधिकारी ने कहा कि बंगाली समाज लंबे समय से अपनी जायज मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहा है। सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि समिति की प्रमुख मांगों में विस्थापित बंगाली समाज की संबंधित जातियों को उत्तराखंड में अनुसूचित जाति का अधिकार दिलाना, प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक बांग्ला भाषा में शिक्षा की व्यवस्था करना, शक्तिफार्म सहित अन्य पुनर्वासित क्षेत्रों में लंबित भूमिधरी अधिकार प्रदान करना तथा करीब आठ वर्षों से बंद छात्रवृत्ति और सहायता योजनाओं को दोबारा शुरू करना शामिल है।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि मांगों का संबंध समाज के विद्यार्थियों, किसानों, विस्थापित परिवारों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र ठोस निर्णय लेने की अपील की। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा।
चार सूत्री मांगों को लेकर बंगाली समाज का धरना चौथे दिन भी जारी
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