हरिद्वार। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति लंबित रखने का आरोप महानिदेशालय चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण देहरादून पर लगाया है। संघ ने मामले की विभागीय जांच के बजाय शासन स्तर से निष्पक्ष जांच कराने की मांग मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से की है। शुक्रवार को हुई संघ की आपात वर्चुअल बैठक में प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा ने कहा कि पिछले करीब दस वर्षों से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं हुई है। वर्ष 2025 में कनिष्ठ सहायक के पदों पर पदोन्नति के लिए आवेदन मांगे गए थे, लेकिन करीब एक वर्ष बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। संघ का आरोप है कि लेब सहायक, डार्क रूम सहायक, ओटी सहायक और वाहन चालक जैसे पदों पर भी पदोन्नति के प्रस्ताव लंबित रखे गए हैं। महामंत्री सुनील अधिकारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश पंत, संगठन सचिव छत्रपाल सिंह, जिला मंत्री राकेश भंवर, प्रवक्ता राजेंद्र तेश्वर और उपाध्यक्ष नेल्सन अरोड़ा ने कहा कि अन्य विभागों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति मिल रही है, जबकि स्वास्थ्य विभाग में उन्हें लाभ से वंचित रखा जा रहा है। बैठक में अशोक कुमार, सचिन, मूलचंद चौधरी, नाथी राम, रजनी देवी और सुरेंद्र सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
पदोन्नति रोकने की साजिश का आरोप, शासन स्तर से जांच की मांग
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