Friday, August 7, 2026
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केंद्र सरकार अनुसूचित जाति, ओबीसी, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर, वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध : अठावले


देहरादून। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले शुक्रवार को दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर देहरादून पहुंचे। उन्होंने बीजापुर गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार की सामाजिक न्याय, समावेशी विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विभिन्न पहलों की जानकारी दी।
अठावले ने कहा कि भारत सरकार विभिन्न प्रमुख योजनाओं एवं नीतिगत पहलों के माध्यम से सामाजिक न्याय, समावेशी विकास तथा समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर, वरिष्ठ नागरिकों तथा अन्य कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
अठावले ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देशभर में करोड़ों लोगों तक पहुंचा है। उन्होंने जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत देशभर में 58.30 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें उत्तराखंड में 40.91 लाख खाते शामिल हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत देशभर में 58.31 करोड़ से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जबकि उत्तराखंड में 36.87 लाख लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी प्रमुख योजनाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है।
केंद्रीय राज्य मंत्री अठावले ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देशभर में 12.17 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। उन्होंने नशा मुक्ति के लिए 790 केंद्रों की स्थापना, वृद्धाश्रमों को सहयोग, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने तथा एमएसएमई एवं युवा उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने के सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया। युवाओं से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सामाजिक न्याय एवं आरक्षण पर अठावले ने कहा कि आरक्षण संविधान प्रदत्त व्यवस्था है तथा इसका विरोध संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की परिकल्पना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग को भी आरक्षण का लाभ दिलाने की थी, हालांकि उस समय यह संभव नहीं हो पाया। प्रस्तावित जातीय जनगणना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे विभिन्न समुदायों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का आकलन करने तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण पर अठावले ने कहा कि महिला आरक्षण की पहल लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी को और सुदृढ़ करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परिसीमन की प्रक्रिया व्यापक राजनीतिक सहमति के साथ आगे बढ़ेगी।
प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर अठावले ने कहा कि सरकार ने प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून बनाया है, जिसके तहत दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने समाज से भी ऐसे तत्वों का सामाजिक बहिष्कार करने का आह्वान किया।
मानसून सत्र का उल्लेख करते हुए अठावले ने सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रहित में संसद के सुचारु संचालन में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपना अच्छा मित्र बताते हुए उनके नेतृत्व में राज्य में संचालित विकास कार्यों की सराहना की।

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