Wednesday, October 21, 2026
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सर्वोच्च न्यायालय की विशेष लोक अदालत में राज्य की ओर से रखे जाने वाले लम्बित वादों की समीक्षा बैठक


  • देहरादून। मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में आगामी अगस्त में सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत (समाधान समारोह-2026) में राज्य की ओर से रखे जाने वाले लोक अदालत से संबंधित लंबित वादों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उच्चतम न्यायालय की 21 से 23 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाली इस विशेष लोक अदालत में विभागवार लंबित मामलों की स्थिति तथा समन्वय व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई।
    मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि चिन्हित मामलों का गंभीरता से परीक्षण करते हुए समझौते की संभावनाओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए, जिससे अधिकतम मामलों का निस्तारण संभव हो सके।
    बैठक में अवगत कराया गया कि उत्तराखण्ड राज्य से विभिन्न विभागों एवं विधिक श्रेणियों के कुल 199 मामलों को विशेष लोक अदालत के लिए चिन्हित किया गया है। इन मामलों में दीवानी एवं फौजदारी प्रकरण, बैंकिंग, सिविल, उपभोक्ता विवाद, पारिवारिक विवाद, श्रम एवं औद्योगिक कानून, भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, संपत्ति कर, किराया नियंत्रण, बेदखली, सेवा संबंधी मामले तथा स्थानांतरण याचिकाएं शामिल हैं।
    मुख्य सचिव ने सभी विभागीय नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित पक्षों से प्रभावी संवाद स्थापित कर मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु सक्रिय प्रयास करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग नियमित समीक्षा करते हुए प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराए तथा राज्य स्तर और जिला स्तर पर समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।
    उन्होंने यह भी कहा कि विशेष लोक अदालत न्याय व्यवस्था में वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे नागरिकों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलेगी तथा समय और संसाधनों की बचत होगी।
    बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
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