हल्द्वानी। उत्तराखंड के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने शनिवार को हल्द्वानी सर्किट हाउस में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने गणना फार्मों के डिजिटाइजेशन अतिरिक्त डाटा एंट्री ऑपरेटर लगाने के निर्देश दिए। कहा कि एसआईआर के कम प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष फोकस करते हुए बीएलओ के सहयोग को कर्मचारी लगाए जाएं। डॉ. जोगदंडे ने विधानसभावार एसआईआर के गणना फार्मों के डिजिटलाइजेशन कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र कालाढूंगी, भीमताल, हल्द्वानी व नैनीताल में वर्तमान में डिजिटाइजेशन कार्य औसत से कम होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक दिन गणना फॉर्म के डिजिटलाइजेशन को सुबह व शाम को बूथवार समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि इस कार्य को लक्ष्य के अनुरूप समय पर पूरा करना है। उन्होंने कहा कि जिन बूथों में डिजिटाइजेशन की प्रगति कम है वहां विशेष फोकस किया जाय तथा डाटाएंट्री ऑपरेटरों की संख्या बढ़ाई जाए। इस दौरान अधिकारियों को बीएलओ ऐप के नए मॉड्यूल्स का प्रशिक्षण दिया गया। बैठक में उपजिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय, सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एचडी पांडे समेत जिलेभर के एसडीएम, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मौजूद रहे।
नगरीय क्षेत्र में डिजिटाइजेशन को मोबाइल टीम करें तैनात: अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी जोगदंडे ने कहा कि डिजिटाइजेशन करने के कार्य में हेल्पिंग हेंड के रूप में अतिरिक्त मोबाइल टीमों की भी तैनाती की जाय। उन्होंने निर्देश दिए कि ऑनलाइन गणना फार्म भरने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। सभी शेडो एरिया में मोबाइल टीम और आईटी टीम को भेजा जाए, ताकि नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में बीएलओ को सहायता मिल सके।
एसआईआर में लापरवाही पर होगी कार्रवाई: डीएम
डीएम ललित मोहन रयाल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन कार्य समयबद्ध कार्य होता है। एसआईआर के लिए भी समय सीमा निर्धारित की गई है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि डिजिटाइजेशन का कार्य को समय पर पूरा करने को विशेष अभियान चलाया जाय। जिले के जिन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी नहीं है, वहां के गणना फॉर्म केन्द्र में लाकर डिजिटाइजेशन का कार्य करें। उन्होंने कहा कि जो घर बंद मिलते हैं, उनमें तीन बार जाएं, बूथ स्तर प्रतिनिधि को साथ ले जाएं और डॉक्युमेंटेशन करें।
एसआईआर के डिजिटाइजेशन को डाटा एंट्री आपरेटर संख्या बढ़ाएं: जोगदंडे
RELATED ARTICLES

