Sunday, April 19, 2026
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चारधाम यात्रा 2026 को प्लास्टिक मुक्त बनाने की तैयारी


  • देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक बोतलों को हतोत्साहित करने के लिए वाटर एटीएम और RO प्लांट स्थापित किए जाएं। साथ ही, “मनी बैक” योजना पूरे प्रदेश में लागू होगी और हर दुकान पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट अनिवार्य किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर ग्राम पंचायतों और संस्थाओं द्वारा ड्रोन से कूड़े की निगरानी की जाएगी और इसके लिए अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित होगा। 30 नगर निकायों को मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। सफाई व्यवस्था हेतु बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्रों और अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत 37 एमआरएफ केंद्र, 299 कम्पोस्ट पिट, 38 प्लास्टिक कम्पैक्टर और 266 कचरा परिवहन वाहन लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक शौचालयों का विस्तार किया गया है, जिनमें महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी। 74 मोबाइल शौचालय इकाइयां भी संचालित की जाएंगी। वाहनों के दबाव को देखते हुए हजारों पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं। ठहराव हेतु होटल, लॉज, धर्मशालाओं और आश्रमों में 28,395 कमरे और 67,278 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। रात्रिकालीन सुरक्षा के लिए 19,604 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में प्लास्टिक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी और 2026 में जनभागीदारी के माध्यम से इसे व्यापक अभियान का रूप दिया जाएगा। क्यूआर कोड आधारित फीडबैक प्रणाली, क्विक रिस्पॉन्स टीम और आधुनिक मशीनों से यात्रा को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाया जाएगा। विशेष पहल के तहत केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को पहली बार 24 घंटे मुफ्त गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था पिरूल और खच्चरों की लीद से बने बायोमास पैलेट्स से संचालित गीज़रों द्वारा होगी। यह अभिनव प्रयोग न केवल ऊर्जा संकट का समाधान करेगा बल्कि जंगल की आग और अपशिष्ट प्रबंधन की समस्या को भी दूर करेगा। इस योजना का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्वच्छ भारत” और “हरित, सतत विकास” विजन को साकार करते हुए चारधाम यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाना है।
    बैठक में राम सिंह कैड़ा जी, मा0 मंत्री, उत्तराखण्ड सरकार (वर्चुअल), नितेश झा, सचिव, उत्तराखण्ड शासन, धीरज गर्ब्याल, सचिव, उत्तराखण्ड शासन, मधुकर पराग धकाते, सचिव, पर्यावरण / प्रदूषण नियंत्रण, विशाल मिश्रा, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग (वर्चुअल), गौरव कुमार, जिलाधिकारी, चमोली (वर्चुअल), प्रशांत आर्य, जिलाधिकारी, उत्तरकाशी (वर्चुअल), मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी, हरिद्वार (वर्चुअल), तथा सविन बंसल, जिलाधिकारी, देहरादून (वर्चुअल) / मुख्य विकास अधिकारी, देहरादून उपस्थित रहे।
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