Thursday, April 16, 2026
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कुंभ मेला तैयारियों के तहत हरिद्वार के श्मशान घाटों के सुधार एवं सुविधाओं के विस्तार की भी तैयारी


हरिद्वार(आरएनएस)। कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के अंतर्गत मेलाधिकारी सोनिका ने हरिद्वार में प्रस्तावित प्रशासनिक रोड कॉरिडोर सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को कार्यों को निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा आयोजन है, इसलिए सभी निर्माण कार्य समय पर एवं मानकों के अनुरूप पूरे होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शंकराचार्य चौक सहित अन्य प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण एवं सुधार के निर्देश देते हुए कहा कि यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाले अव्यवस्थित खंभों एवं अन्य अवरोधों को तत्काल हटाया जाए। साथ ही क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त बनाए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि कुंभ मेला मद के अंतर्गत शंकराचार्य चौक से मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) तक प्रशासनिक रोड कॉरिडोर के विकास कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। इस योजना के तहत लगभग 7 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण, दोनों ओर फुटपाथ, तथा करीब 1 किलोमीटर क्षेत्र में लगभग 5.5 मीटर चौड़ा पैदल मार्ग विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सड़क के सौंदर्यीकरण, ड्रेनेज व्यवस्था एवं स्ट्रीट लाइटिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। चंडी चौक से आने वाले मार्ग पर मौजूदा पुल के समानांतर एक अतिरिक्त लेन का पुल भी निर्मित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के दौरान मार्ग के किनारे स्थित पेड़ों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र में हरित पट्टियों के विकास, फूलों एवं शोभादार पौधों का रोपण करने तथा दीवारों पर देवभूमि उत्तराखंड, धर्मनगरी हरिद्वार एवं कुंभ की महत्ता को दर्शाने वाली आकर्षक वॉल पेंटिंग कराने के निर्देश दिए। मेलाधिकारी सोनिका ने शंकराचार्य चौक के प्रस्तावित पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि इस चौराहे के सौंदर्य एवं यातायात संचालन को प्रभावित करने वाली सभी अव्यवस्थित संरचनाओं को हटाकर इसे व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाया जाए। उन्होंने अन्य चौराहों के सुधार कार्यों में भी तेजी लाने तथा सभी प्रमुख स्थलों पर आकर्षक एवं बहुभाषी साइनेज स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, शंकराचार्य चौक से डामकोठी मार्ग तक के क्षेत्र को हरिद्वार के एक प्रमुख ‘आइकॉनिक’ क्षेत्र के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने मेला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण, नगर निगम तथा अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। मेलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा वह स्वयं भी समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता एवं प्रगति का आकलन करेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान मेला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण, नगर निगम सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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