ऋषिकेश। रानीपोखरी क्षेत्र में प्रस्तावित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है। प्रधान संगठन न्याय पंचायत रानीपोखरी ने एसडीएम डोईवाला को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित जगह पर विधि विवि स्थापित करने की मांग की। सोमवार को प्रधान संगठन न्याय पंचायत रानीपोखरी के सदस्यों ने डोईवाला तहसील में एसडीएस को ज्ञापन सौंपा। संगठन के अध्यक्ष अनूप चौहान ने कहा कि रानीपोखरी में राष्ट्रीय विधि विवि की स्थापना की घोषणा वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में की गई थी। इस दौरान विवि के लिए भूमि पूजन भी किया गया, बावजूद आज तक न तो निर्माण कार्य शुरू हो पाया है और न ही इसकी दिशा में दिशा में कोई ठोस प्रगति हुई है। प्रशासन और सरकार की उदासीनता से जनता में भारी आक्रोश है। यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा। डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय खुलने से क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार और विकास को नई दिशा मिलती, लेकिन वर्षों से मामला लंबित रहने के कारण युवाओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। रानीपोखरी के प्रधान सुधीर रतूड़ी ने कहा कि सरकार की यह जिम्मेदारी है कि जिन योजनाओं की घोषणा की जाती है, उन्हें धरातल पर भी उतारा जाए। विश्वविद्यालय का मामला गंभीर है और इसमें देरी युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है। ज्ञापन सौंपने वाले में लिस्टाबाद ग्राम प्रधान अनिल कुमार, दौलत पेटवाल, नरेंद्र सिंह चौहान, राजेश्वरी रावत, साधना बिष्ट, कविता नेगी, पिंकी, पूर्व ग्राम प्रधान पंकज यादव, प्रकाश बिजल्वाण, जगत राम पैन्यूली, रमेश नौटियाल, योगेश पुंडीर, नरेण दत्त भट्ट विनोद रावत आदि उपस्थित रहे।
रानीपोखरी में विधि विवि की मांग ने पकड़ा जोर
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