Saturday, July 20, 2024
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अखिलेश यादव ने जारी किया का विजन डाक्यूूमेंट

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ के डॉ0 राममनोहर लोहिया सभागार में जनता का मांग पत्र हमारा अधिकार शीर्षक से लोकसभा चुनाव-2024 के लिए विजन डॉक्यूमेंट जारी किया। यह विजन डॉक्यूमेंट जनता से, सोशल मीडिया, संस्थाओं तथा व्यक्तियों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। इसीलिए इसे जनता का मांग पत्र कहा गया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे संवैधानिक अधिकारों में संविधान बचाने, लोकतंत्र की रक्षा, मीडिया की आजादी, लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और स्वायत्ता तथा न्याय और समानता का अधिकार को बचाने के लिए समाजवादी पार्टी वचनबद्ध है। सामाजिक न्याय, रोटी का अधिकार, गरीबी से बाहर निकलने, आवारा पशुओं से खेत एवं जान बचाने, गड्ढा मुक्त सडक़ों पर चलने, 24 घंटे बिजली आपूर्ति, बेहतर स्वास्थ्य सेवा, सुविधा से एफआईआर दर्ज होने, खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए आवश्यक संसाधन पाने के अधिकार पर बल दिया। उन्होंने 2025 तक जातीय जनगणना कराने और 2029 तक सबको न्याय एवं हिस्सेदारी सुनिश्चित करने, 2029 तक भूख से मुक्ति और गरीबी के पूर्ण उन्मूलन तथा आरक्षण के सभी सरकारी रिक्त पड़े पदों को भरने का भी भरोसा दिलाया है। समाजवादी पार्टी के विजन डाक्यूमेंट में दुग्ध सहित सभी फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारन्टी दिलाने, किसान ऋण माफ करने, मुफ्त सिंचाई, किसान आयोग के गठन, हर 10 किलोमीटर पर मंडी स्थापना, गन्ना किसानों के भुगतान के लिए 10 हजार करोड़ रूपये का रोलिंग फंड बनाने और भूमिहीन तथा छोटे सीमांत किसानों को 5 हजार रूपये प्रतिमाह पेंशन दिए जाने का भी वादा है। जनता के मांग पत्र में मनरेगा की मजदूरी 450 रूपये बढ़ाने, कार्य के दिन 150 दिन तक करने, शहरी रोजगार गारन्टी अधिनियम 2024 के पहले संसदीय सत्र में लागू होगा, राष्ट्रीय रोजगार नीति और मिशन रोजगार की स्थापना की जाएगी। युवाओं के लिए लैपटाप वितरण योजना लागू करने, पेपर लीक रोकने, आटा-डाटा का अधिकार देने, मुफ्त राशन में गेहूं की जगह आटा देंगे। मंडियों के पास आटा प्लांट लगाएंगे। हर राशन कार्ड धारक को 500 रुपये का मोबाइल डाटा मुफ्त देंगे। इससे डिजिटल डिवाइड का अंतर नहीं होगा। गैरबराबरी मिटाने की यह समाजवादी सोच का प्रगतिशील कदम होगा। नि:शुल्क शिक्षा, छात्रों को शिक्षा लोन, बेहतर स्वास्थ्य सेवा, महिलाओं के सशक्तीकरण के अंतर्गत संसद-विधानसभाओं के अतिरिक्त सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण जिसके भीतर दलित, पिछड़े, एवं अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं को उनकी संख्या के अनुपात में भागीदारी दी जाएगी। केजी से पीजी तक कन्याओं को मुफ्त शिक्षा, गरीब महिलाओं को तीन हजार रूपये प्रतिमाह पेंशन तथा महिला अपराध रोकने के लिए जीरो टालरेंस नीति अपनाने का भी वादा है।

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