Wednesday, September 9, 2026
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परंपरागत खेती को वैज्ञानिक तकनीक से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने पर जोर


  • उत्तरकाशी। परंपरागत कृषि को आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़कर किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने की दिशा में जिले में पहल शुरू की गई है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत मंगलवार को विकास भवन परिसर से 40 कृषकों के दल को कृषि विज्ञान केंद्र, चिन्यालीसौड़ के लिए रवाना किया गया। मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया।इस अवसर पर सीडीओ जय भारत सिंह ने कहा कि बदलते समय में कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाना किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि परंपरागत कृषि उत्तरकाशी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और समृद्ध कृषि विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा जाए तो खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।उन्होंने विशेष रूप से महिला कृषकों को कृषि क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं और विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका है और उन्हें आधुनिक तकनीक तथा कृषि आधारित आजीविका के अवसरों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि की जा सकती है।
    इन विषयों पर मिलेगा प्रशिक्षण
    कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ में 40 कृषकों को विशेषज्ञों की ओर से उन्नत कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान मृदा स्वास्थ्य, फसल विविधीकरण, उन्नत बीजों का चयन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण, कृषि यंत्रीकरण और कृषि आधारित नवाचारों समेत विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाएगी।कृषकों को प्रशिक्षण के साथ वैज्ञानिक विधि से खेती करने की व्यावहारिक जानकारी भी दी जाएगी, ताकि वे उत्पादन लागत को कम करने के साथ फसल की उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार कर सकें।
    पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक में समन्वय
    अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य जिले में परंपरागत कृषि ज्ञान और आधुनिक कृषि तकनीक के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। किसानों को नई तकनीकों से जोड़कर खेती को केवल पारंपरिक आजीविका के बजाय अधिक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही महिला किसानों को कृषि आधारित स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी एसएस वर्मा समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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