हरिद्वार। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने दिल्ली जंतर मंतर पर हुए लाठीचार्ज को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि सरकार तक जब आवाज नहीं पहुंचती तो आंदोलन होते हैं। उन्होंने सोनम वांगचुक के अनशन का समर्थन किया और कहा कि जब राजा दयावान हो तो भूख हड़ताल करनी चाहिए लेकिन जब राजा तानाशाह हो तो आंदोलन से काम चलता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हक की लड़ाई लड़ने वालों पर लाठीचार्ज हुआ है, लाठीचार्ज होने पर ही आंदोलन सफल होते हैं। उसके साथ ही राकेश टिकैत ने उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया और कहा कि उत्तराखंड में 2027 से पहले ही इसी साल नवंबर, दिसंबर में चुनाव होंगे। यह बातें उन्होंने बहादराबाद टोल प्लाजा पर मीडिया की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब में कहीं।
महापंचायत में वन गुर्जरों के अधिकार: दरअसल हरिद्वार में श्यामपुर कांगड़ी में भारतीय किसान यूनियन टिकैत की महापंचायत हुई, जिसमें वन गुज्जरों के हक हकूकों को लेकर चर्चा की गई। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी महापंचायत में शामिल होने पहुंचे। हरिद्वार पहुंचने पर बहादराबाद टोल प्लाजा पर बड़ी संख्या में किसानों ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान टिकैत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि महापंचायत वन गुर्जरों के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोजित की जा रही है। जिस तरह ऋषिकेश क्षेत्र में जंगलों की कटाई की जा रही है, वह बेहद चिंताजनक है। भारतीय किसान यूनियन वन गुर्जरों और जंगलों से जुड़े लोगों के हकों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी और किसी भी कीमत पर उनके अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा।
राजा तनाशाह हो तो आंदोलन ही करना पड़ता है: राकेश टिकैत
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