अल्मोड़ा। सिविल सोयम वन प्रभाग की जागेश्वर रेंज के अंतर्गत धसपड़ गांव को रिकैप फॉर एनडीसी परियोजना के लिए चयनित किया गया है। परियोजना के तहत प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, जलवायु अनुकूल आजीविका विकास और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसकी जानकारी चेतना केंद्र में आयोजित कार्यशाला में दी गई। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय हितधारकों और ग्रामीणों ने भाग लिया। इस दौरान पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के महत्व, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि वन, जल स्रोत, जैव विविधता और अन्य प्राकृतिक संसाधन मानव जीवन तथा आजीविका के लिए महत्वपूर्ण हैं। बदलते जलवायु परिदृश्य में इनके संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। कार्यशाला में जल, वन और भूमि संसाधनों के संरक्षण के लिए स्थानीय स्तर पर अपनाई जाने वाली रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को परियोजना के उद्देश्यों और संभावित लाभों की जानकारी देते हुए इसकी सफलता के लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया। ग्रामीणों ने भी क्षेत्र की पर्यावरणीय चुनौतियों और आवश्यकताओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत विकास के लिए सामूहिक प्रयासों तथा विभिन्न विभागों और समुदायों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
धसपड़ गांव में लागू होगी रिकैप फॉर एनडीसी परियोजना
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