बागेश्वर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन ने समस्याओं एवं सुझावों को लेकर आयोजित बैठक में जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे के शामिल नहीं होने पर नाराजगी जताई है। संगठन ने प्रशासन पर उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए इसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके परिजनों का अपमान बताया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि 19 फरवरी को मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में यह बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होनी थी। बैठक में जिले के दूरस्थ क्षेत्रों के अलावा हल्द्वानी और देहरादून से भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारी पहुंचे थे, लेकिन जिलाधिकारी के नहीं आने से उन्हें निराशा हुई।
उनका आरोप है कि बैठक केवल औपचारिकता बनकर रह गई और मुख्य विकास अधिकारी ने इसकी खानापूर्ति की।वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी के लिए अपना योगदान देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके परिवारों को सम्मान मिलना चाहिए, लेकिन प्रशासन ने उनकी भावनाओं की अनदेखी की है। इससे नाराज संगठन के सदस्यों ने नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन भी किया। इस दौरान संगठन अध्यक्ष धर्मेंद्र पांडे, उपाध्यक्ष मीनाक्षी नेगी, सचिव पंकज डसीला, हरीश डसीला, पूरन सिंह, फतेह सिंह करायत, बसंत वर्मा, प्रमोद उपाध्याय, नंदा बल्लभ जोशी सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
बैठक में डीएम के नहीं आने पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संगठन नाराज
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