बागेश्वर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयुर्वेद विभाग बागेश्वर द्वारा जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. निष्ठा शर्मा कोहली के नेतृत्व में ‘हरित योग’ कार्यक्रम का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले नीलेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्वास्थ्य संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को एक साथ जन-जन तक पहुंचाने का सफल प्रयास किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आदि देव भगवान धन्वन्तरि के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण तथा स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की शुरुआत से ही परिसर में सकारात्मक ऊर्जा और सामाजिक जागरूकता का वातावरण देखने को मिला।
‘हरित योग’ कार्यक्रम के अंतर्गत बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को योग के महत्व से अवगत कराया गया तथा सामूहिक योगाभ्यास कराया गया। योग विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि व्यक्ति को प्रकृति के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार भी बनाता है। योग सत्र में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वस्थ जीवन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मंदिर परिसर में किया गया वृक्षारोपण रहा। पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए और उपस्थित जनसमूह को उनके संरक्षण का भी संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।
योग सत्र के उपरांत आयोजित विशेष गोष्ठी में पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति आधारित जीवन शैली तथा नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर ही मानव जीवन को स्वस्थ, संतुलित और समृद्ध बनाया जा सकता है। साथ ही युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर प्रसिद्ध वृक्ष प्रेमी किशन मलडा की गरिमामयी उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने आयुर्वेद विभाग द्वारा आयोजित इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि योग और पर्यावरण संरक्षण को एक मंच पर लाना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम में आयुर्वेद विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाकर आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन बागेश्वर योग कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. एजल पटेल द्वारा किया गया। उनके सफल संचालन ने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित और प्रेरणादायी स्वरूप प्रदान किया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह ‘हरित योग’ कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता का सशक्त माध्यम बना, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गया कि स्वस्थ शरीर, स्वच्छ पर्यावरण और जागरूक नागरिकता ही एक समृद्ध एवं सुरक्षित भविष्य की वास्तविक पहचान है।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयुर्वेद विभाग का ‘हरित योग’ अभियान: योग, प्रकृति और स्वास्थ्य का हुआ अद्भुत संगम
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