देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज में रविवार को बाल रोग विभाग की ओर से नवजात शिशु जीवनरक्षक तकनीकों पर कार्यशाला आयोजित की गई। प्रशिक्षक एचओडी डॉ. अशोक कुमार ने युवा डॉक्टरों एवं नर्सिंग अधिकारियों को एयरवे मैनेजमेंट, बैग और मास्क वेंटिलेशन सहित आपातकालीन प्रोटोकॉल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उपकरण तैयार करने, बैग-मास्क की जांच, बच्चे की सांस का मूल्यांकन और छाती के उठने के आधार पर पॉजिटिव प्रेशर वेंटिलेशन देने जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का सिमुलेशन आधारित परीक्षण दिया। नियमित एनआरपी प्रशिक्षण को नवजात मृत्यु दर कम करने में बेहद जरूरी है। इस दौरान डॉ. कृतिका सेन, ईशानी पांडे, रीतिका, प्रमोद टम्टा, राहुल धीमान, ईशा गोयल, भरत चौहान, सोनम रावत, रजनी, अनीता, सुमन कुंवर आदि मौजूद रहे।
युवा डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ को नवजात की जान बचाने का प्रशिक्षण
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