ऋषिकेश। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल गुरुवार को थानो के लेखक गांव पहुंचीं। राज्यपाल ने नरसिंह देवता के मंदिर में दर्शन के पश्चात नालंदा पुस्तकालय का भ्रमण कर छात्रों लेखकों एवं साहित्य प्रेमियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि लेखक गांव सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का केंद्र है। उन्होंने कहा कि मुझे कल्पना नहीं थी कि प्रकृति की गोद में इतना सुंदर और अद्भुत लेखक गांव स्थापित किया गया है। लेखकों के लिए जिस शांत, सृजनशील वातावरण की आवश्यकता होती है, वह यहां पूरी तरह उपलब्ध है। मौके पर साहित्यिक आदान-प्रदान की सुंदर परंपरा भी देखने को मिली। राज्यपाल ने पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को अपनी पुस्तक “वो मुझे हमेशा याद रहेंगे” भेंट की। इससे पहले गांव में संचालित साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में राज्यपाल ने गहरी रुचि दिखाई। मौके पर कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, कोटद्वार के मेयर शैलेंद्र रावत, राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, शोभाराम प्रजापति, डॉ. जयपाल सिंह, लेखक गांव की निदेशक विदुषी निशंक, पद्मश्री डॉ. माधुरी बर्थवाल, पद्मश्री डॉ. आरके. जैन, पद्मश्री डॉ. संजय शर्मा, स्पर्श हिमालय विवि के कुलपति डॉ. राकेश सुंदरियाल आदि मौजूद रहे।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का केंद्र है लेखक गांव:आनंदीबेन
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