Tuesday, February 17, 2026
Homeहोमउत्तराखण्डसहकारिता के जरिये ग्रामीण विकास पर अहम फोकसः डॉ० धन सिंह

सहकारिता के जरिये ग्रामीण विकास पर अहम फोकसः डॉ० धन सिंह



  • देहरादून। गुजरात में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित सहकारिता मंत्रियों के मंथन बैठक में मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना, मिलेट्स मिशन योजना तथा दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना की जमकर सराहना की गई। साथ ही इन योजनाओं को माॅडल के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनाये जाने पर भी विचार किया गया, ताकि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के तहत किसानों की आय में वृद्धि, पशुधन अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण आजीविका सहित पोषण योजनाओं को प्रोत्साहन मिल सके। सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ० धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि केन्द्रीय सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में सहकारिता मंत्रियों की उच्चस्तरीय मंथन बैठक में ‘सहकार से समृद्धि’ को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों की मंथन किया गया। इस महामंथन में राज्य सरकार द्वारा सरकारिता के क्षेत्र में संचालित विभिन्न नवाचारी योजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया गया। जिसमें दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना तथा मिलेट्स मिशन योजना शामिल है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप राज्य में इन परिवर्तनकारी योजनाओं को लागू किया गया है। जिनका मकसद ग्रामीण विकास, आर्थिक सशक्तिकरण व सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना है। साथ ही किसानों की आय में वृद्धि, पशुधन अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण आजीविका, मिलेट उत्पादन व पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देना है। डॉ० रावत ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अंतर्गत सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों, काश्तकारों, युवाओं व महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया जाता है। अभी तक इस योजना के तहत 11 लाख 71 हजार 810 किसानों व 6597 लाभार्थियों को 7284.76 करोड़ ऋण वितरित किया गया। इसी प्रकार राज्य में ग्रामीण महिलाओं के श्रमभार में कमी व पशुधन के लिये किफायती व उच्च गुणवत्ता वाले साइलेज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना संचालित की जा रही है। जिसके तहत एमपैक्स के माध्यम से अब तक 28605 लाभार्थियों को रियायती दर पर साइलेज उपलब्ध कराया गया है। इससे एमपैक्स को करीब रू. 161.07 लाख का लाभ हुआ है। राज्य में सहकारी संस्थाओं के माध्यम से मिलेट की खेती एवं खरीद को बढ़ावा देने के लिये मिलेट मिशन योजना शुरू की गई। जिसके तहत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मोटा अनाज खरीजा जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 से वित्तीय वर्ष 2025-26 तक 7457 कृषकों से बढ़कर 11153 कृषकों से 53860 कुंतल मिलेट्ख खरीदा गया। जिसका किसानों को त्वरित भुगतान किया गया।
    डॉ० रावत ने बताया कि मंथन बैठक में प्रदेश की तीनों नवाचारी योजनाओं को जमकर सराहा गया और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इन योजनओं को माॅडल के तौर पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने की बात कही। डॉ० रावत ने बैठक में रूद्रप्रयाग, बागेश्वर व चम्पावत जनपद में जिला सहकारी बैंकों के संचालन को लेेकर लाइसेंस प्रदान किये जाने की मांग भी रखी। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, विधानसभा अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी, केंद्रीय राज्य मंत्री (सहकारिता) कृष्ण पाल गुर्जर एवं मुरलीधर मोहोल सहित देश के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्री गण उपस्थित रहे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments