अल्मोड़ा। मिनी जू अल्मोड़ा स्थित वन चेतना केंद्र में शुक्रवार को वन पंचायतों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में सिविल सोयम वन प्रभाग अल्मोड़ा के अंतर्गत आने वाली विभिन्न वन पंचायतों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सोयम वन प्रभाग अल्मोड़ा के प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार धौलाखंडी ने की। प्रशिक्षण के दौरान वन पंचायत सुदृढ़ीकरण, कौशल विकास, वन पंचायत नियमावली 2024 और अग्नि सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण सत्र में सिविल सोयम वन प्रभाग रानीखेत के प्रभागीय वनाधिकारी संतोष पंत, मानसखण्ड विज्ञान केंद्र अल्मोड़ा के प्रभारी डॉ नवीन जोशी, उत्तराखंड स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी से जुड़े जी सी एम नेगी, जी बी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान अल्मोड़ा से डॉ हर्षित पंत और वन पंचायत विशेषज्ञ डॉ डी के जोशी ने अपने-अपने विषयों पर व्याख्यान दिए। डॉ डी के जोशी ने वन पंचायत नियमावली की जानकारी दी, जबकि डॉ नवीन जोशी ने मानव-वन्यजीव संघर्ष के न्यूनीकरण पर अपने विचार रखे। डॉ हर्षित पंत ने ग्रामीण आजीविका के अवसरों पर प्रकाश डाला और जी सी एम नेगी ने कार्बन क्रेडिट की अवधारणा को सरल शब्दों में समझाया। संतोष पंत ने वन पंचायतों के सशक्तिकरण और उनकी भूमिका पर चर्चा की। कार्यशाला में सिविल सोयम वन प्रभाग अल्मोड़ा की विभिन्न रेंजों के रेंज अधिकारी, वन विभाग के कार्मिक, वन पंचायतों के सरपंच और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार धौलाखंडी ने हर्बल और एरोमा आधारित गतिविधियों की संभावनाओं पर जानकारी देते हुए सभी प्रतिभागियों और वक्ताओं का आभार व्यक्त किया।
न पंचायत प्रशिक्षण कार्यक्रम में सशक्तिकरण और अग्नि सुरक्षा पर जोर
RELATED ARTICLES

