देहरादून। गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को दूर करने को बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत के आवास पर हुई बैठक में कई अहम विषयों पर आम सहमति बनी। तय हुआ कि सभी पेंशनर्स को गोल्डन कार्ड योजना के दायरे में लाया जाएगा। सभी निजी अस्पतालों को कर्मचारियों और पेंशनर्स को इलाज सुनिश्चित करना होगा।
बैठक में मौजूद रहे सभी कर्मचारी संगठनों ने स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष गोल्डन कार्ड की विसंगतियों और इलाज मिलने में पेश आ रही दिक्कतों को उठाया। बताया कि जो पेंशनर्स इस योजना में आने से छूट गए हैं, उन्हें भी लाभ सुनिश्चित कराया जाए। इसके लिए उन्हें गोल्डन कार्ड योजना के दायरे में लाया जाए। इसके लिए उन्हें योजना में जुड़ने का एक और मौका दिया जाए।
कहा कि कई बड़े अस्पताल अभी भी पूरा इलाज सुनिश्चित करा रहे हैं। कुछ ने भुगतान लटकने के कारण इलाज रोक दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी अस्पतालों में इलाज सुनिश्चित कराया जाएगा। इसके लिए जल्द सभी निजी अस्पतालों के साथ बैठक होगी।
कर्मचारियों ने कहा कि गोल्डन कार्ड में ओपीडी, मेडिकल जांच की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने कर्मचारियों, पेंशनर्स को आश्वस्त करते हुए कहा कि जल्द सभी मांगों का निस्तारण कराया जाएगा। बैठक में सचिव स्वास्थ्य आर राजेश कुमार, सचिवालय संघ के अध्यक्ष सुनील लखेड़ा, महा सचिव राकेश जोशी, पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन के प्रदेश महामंत्री अशोक राज उनियाल, संरक्षक पंचम सिंह बिष्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सोहन सिंह रावत, फेडरेशन आफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पूर्णानंद नौटियाल, महा सचिव मुकेश बहुगुणा, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष एसएस चौहान, संजय भास्कर, वीरेंद्र मौजूद रहे।
आयुष्मान योजना से जुड़ी समस्याओं का समय पर हो निस्तारण: डा धन सिंह रावत
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