अल्मोड़ा। कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार और अव्यवस्थित नीतियों का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बागेश्वर जिलाधिकारी ने सरकारी फंड का दुरुपयोग किया है, जिसका कोई ऑडिट नहीं हुआ। यह धनराशि जिलाधिकारी आवास को भव्य रूप देने में खर्च की गई। मंगलवार को कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में टम्टा ने कहा कि बागेश्वर में खड़िया खनन पर हाईकोर्ट की निगरानी में जांच हो रही है, लेकिन इसके बावजूद आदेशों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने प्रदेश की जर्जर सड़कों पर भी सवाल उठाते हुए क्वारब समेत कई इलाकों की हालत सुधारने की मांग की। प्रदेश में बढ़ते ट्रैफिक जाम पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि कैंची धाम में लगातार लगने वाला जाम यात्रियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है। मानसखंड क्षेत्र के कौसानी और जागेश्वर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचना चुनौती बनता जा रहा है। परिसीमन को लेकर उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा, बागेश्वर और चंपावत में जनसंख्या के अनुसार बदलाव जरूरी है। विकास का संतुलन बनाना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन वह इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। सरकार की आबकारी नीति पर सवाल उठाते हुए टम्टा ने कहा कि धामी सरकार प्रदेश को गर्त में धकेलने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कौसानी में पहली बार शराब की दुकान खोली जा रही है, जबकि पहले किसी सरकार ने ऐसा नहीं किया था। कांग्रेस ने शराब की बिक्री को केवल नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्रों तक सीमित रखा था, लेकिन अब सरकार मंदिरों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों की परवाह किए बिना शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दे रही है। खनन को लेकर भाजपा सांसद त्रिवेंद्र रावत के बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिसीमन और जनसंख्या संतुलन को लेकर अपनी मांग परिसीमन आयोग के समक्ष रखेगी। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र भोज, नगर अध्यक्ष तारा जोशी, राधा बिष्ट, दीपक कुमार समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
खनन और आबकारी नीति को लेकर पूर्व सांसद टम्टा का भाजपा पर हमला
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