देहरादून। वीकेंड पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने के साथ ही पहाड़ों की रानी मसूरी एक बार फिर भीषण जाम की चपेट में आ गई। शुक्रवार सुबह से शुरू हुआ जाम का सिलसिला शनिवार को भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के भीतर के प्रमुख मार्ग हों या मसूरी को देहरादून से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग, अधिकांश सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आई। हालात यह रहे कि कई स्थानों पर वाहन सामान्य गति से चलने के बजाय रेंगते हुए आगे बढ़े और पर्यटकों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।
शुक्रवार सुबह से ही मसूरी-देहरादून मार्ग, किंक्रेग-लाइब्रेरी-जीरो प्वाइंट-कैंपटी रोड, किंक्रेग-मैसॉनिक लॉज-घंटाघर-चार दुकान मार्ग और मसूरी-धनौल्टी मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ता चला गया। मसूरी की ओर आने वाले पर्यटकों के वाहनों के साथ ही वापस लौटने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने से कई स्थानों पर यातायात की रफ्तार बेहद धीमी हो गई।
शनिवार को भी सुबह से ही हालात सामान्य नहीं हुए। लाइब्रेरी चौक से लेकर लाइब्रेरी-किंक्रेग मार्ग, लाइब्रेरी बाजार और मोतीलाल नेहरू मार्ग पर वाहन जाम में फंसे रहे। शहर के व्यस्त इलाकों में एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने से यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिला। स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ी।
मसूरी के सिविल अस्पताल रोड पर भी वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। सड़क पर जाम के कारण स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए आने-जाने में दिक्कत हुई। अस्पताल की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ने से मरीजों और उनके तीमारदारों को भी परेशानी की आशंका बनी रही।
उधर, मसूरी-धनौल्टी मार्ग पर भी यातायात की स्थिति खराब रही। लक्ष्मणपुरी के समीप वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। धनौल्टी की ओर जाने और वहां से मसूरी लौटने वाले पर्यटकों के वाहन भी जाम में फंसते रहे।
मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग पर स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण नजर आई। किंक्रेग से कोल्हूखेत और आगे शिवमंदिर-कुठालगेट तक कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं। मसूरी आने वाले पर्यटकों के वाहनों के साथ ही देहरादून की ओर लौटने वाले वाहनों की संख्या अधिक होने से सड़क पर यातायात का दबाव लगातार बना रहा।
जाम में फंसे पर्यटक घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। पहाड़ी मार्ग होने के कारण कई जगह सड़क की चौड़ाई सीमित है, ऐसे में दोनों ओर से वाहनों का दबाव बढ़ने पर यातायात को सामान्य करने में भी समय लगा। जाम के कारण पर्यटकों का समय सड़कों पर ही बीतता रहा और मसूरी की यात्रा का अनुभव भी प्रभावित हुआ।
शहर के गांधी चौक पर भी जाम की स्थिति गंभीर होने के बाद यातायात को कुछ समय के लिए मालरोड की ओर से डायवर्ट करना पड़ा। यातायात पुलिस और स्थानीय व्यवस्था के स्तर पर वाहनों को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, लेकिन शहर में कई स्थानों पर एक साथ वाहनों का दबाव होने के कारण जाम का असर पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका। मसूरी में वीकेंड के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से शहर के अंदर भी वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। लाइब्रेरी क्षेत्र, गांधी चौक, मालरोड से जुड़े मार्ग, किंक्रेग और बाजार क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही बढ़ने से पार्किंग और सड़क पर चल रहे यातायात के बीच दबाव बढ़ता है। इसका सीधा असर शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ता है।
शनिवार को भी यही तस्वीर देखने को मिली। शहर का शायद ही कोई प्रमुख मार्ग ऐसा रहा हो, जहां यातायात सामान्य गति से चलता दिखाई दिया हो। मुख्य मार्गों पर लंबी कतारों के साथ ही अंदरूनी सड़कों पर भी वाहनों की रफ्तार धीमी रही।
मसूरी में वीकेंड और छुट्टियों के दौरान पर्यटकों की संख्या बढ़ना कोई नई बात नहीं है। हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में पीक सीजन और वीकेंड के लिए यातायात प्रबंधन की पहले से तैयारी की जरूरत रहती है। शुक्रवार और शनिवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों में बने जाम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या के अनुरूप यातायात व्यवस्था को किस तरह प्रभावी बनाया जा रहा है।
फिलहाल किंक्रेग से लेकर कुठालगेट तक, लाइब्रेरी चौक से बाजार तक और मसूरी-धनौल्टी मार्ग से लेकर शहर के अंदरूनी हिस्सों तक जाम ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहाड़ों की रानी में घूमने पहुंचे पर्यटक जहां सड़कों पर फंसे नजर आए, वहीं स्थानीय लोगों को भी रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वीकेंड पर जाम के शिकंजे में मसूरी, घंटों रेंगते रहे वाहन
RELATED ARTICLES

