देहरादून। इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) ने एक अक्टूबर को अपने मुख्यालय और सभी इकाइयों में आईओएल दिवस उत्साह और संस्थागत प्रतिबद्धता के साथ मनाया। रक्षा मंत्रालय के अधीन भारत सरकार के 100 प्रतिशत स्वामित्व वाले रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम आईओएल ने इस अवसर पर अपने गठन के पांच वर्ष पूरे होने तथा ऑप्टिक्स के क्षेत्र में 83 वर्षों की विरासत को रेखांकित किया।
इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड का गठन एक अक्टूबर 2021 को तत्कालीन आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) के निगमीकरण के बाद हुआ था। स्थापना के पांच वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोह में संगठन की अब तक की प्रगति, तकनीकी क्षमताओं, नवाचार और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण में योगदान को प्रदर्शित किया गया।
समारोह की शुरुआत आईओएल मुख्यालय और सभी इकाइयों में आईओएल ध्वज के औपचारिक ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके बाद आईओएल प्रतिज्ञा दिलाई गई। प्रतिज्ञा के माध्यम से उत्कृष्टता, नवाचार, सत्यनिष्ठा, टीम भावना और राष्ट्र के प्रति निरंतर योगदान की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
इस अवसर पर आईओएल की निदेशक (मानव संसाधन) एवं अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहीं शर्मिष्ठा कौल शर्मा ने संगठन की पांच वर्षों की यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला। उन्होंने आईओएल की प्रगति में योगदान देने वाले कर्मचारियों और हितधारकों के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में आईओएल की उपलब्धियों और महत्वपूर्ण पड़ावों पर आधारित प्रस्तुति एवं लघु वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। इसमें संगठन की तकनीकी दक्षता, क्षमताओं और रक्षा क्षेत्र में उसके योगदान को सामने रखा गया।
आईआईटी रुड़की के साथ समझौता
आईओएल दिवस समारोह में आईआईटी रुड़की और इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड के बीच डिफेन्स कोऑर्डिनेशन सेल के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत तकनीकी ज्ञान, अनुसंधान एवं विकास, नवाचार तथा पारस्परिक हित के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। इसी अवसर पर आईओएल के इन-हाउस सूचना संसाधन ‘नेत्र’ (NETRA) का भी परिचय कराया गया।
उत्कृष्ट कर्मयोगियों और नवाचारशील प्रतिभाओं का सम्मान
समारोह में आईओएल उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए गए। ‘आईओएल के उत्कृष्ट कर्मयोगी’ और ‘आईओएल के युवा नवाचारशील मस्तिष्क’ श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं नवाचारपूर्ण योगदान के लिए कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार विजेताओं की उपलब्धियों में उनके परिवारों के सहयोग और भूमिका की भी सराहना की गई।
इसके अलावा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग तथा राजभाषा के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए।
आईओएल मुख्यालय और उसकी सभी इकाइयों में आयोजित कार्यक्रमों ने संगठन की टीम भावना, उत्कृष्टता, नवाचार और समर्पण को प्रदर्शित किया। पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर आईओएल ने सतत विकास, स्वदेशी रक्षा विनिर्माण और तकनीकी नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
संगठन ने आत्मनिर्भर एवं तकनीकी रूप से उन्नत भारतीय रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में निरंतर योगदान देने तथा ‘Soldier’s Eye’ बनने के अपने संकल्प को भी दोहराया।
आईओएल दिवस पर पांच वर्षों की उपलब्धियों का प्रदर्शन, आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण का संकल्प
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