Tuesday, August 18, 2026
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भाजपा बैठक से मुख्यालय के बाहर जाम, पड़ोसी ने मार नेता जी के ड्राइवर को थप्पड़


देहरादून। देहरादून में भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर मंगलवार को गढ़वाल मंडल की तीनों लोकसभा सीटों को लेकर हुई अहम बैठक ने राजनीतिक चर्चा से ज्यादा ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा कर दिया। बैठक में सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के कारण मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में गाड़ियां खड़ी हो गईं। इनोवा, थार और अन्य बड़ी गाड़ियों के सड़क किनारे खड़े होने से इलाके में जाम की स्थिति बन गई।
इसी दौरान मुख्यालय से सटे घर में रहने वाले एक पड़ोसी का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं से नाराजगी जताते हुए कहा कि आम लोगों की गाड़ी सड़क पर खड़ी होने पर तुरंत चालान कर दिया जाता है, लेकिन भाजपा मुख्यालय में बैठक के चलते सड़क पर दर्जनों वाहन खड़े हैं और व्यवस्था देखने वाला कोई नहीं है। मामला तब और बिगड़ गया जब भाजपा के एक प्रदेश मंत्री की इनोवा क्रिस्टा गाड़ी पड़ोसी के घर के मुख्य गेट के ठीक सामने खड़ी मिली। पड़ोसी ने बताया कि वह करीब एक घंटे से ड्राइवर को तलाश रहे थे, लेकिन गाड़ी उनके घर के प्रवेश द्वार को पूरी तरह से रोक रही थी।जब ड्राइवर मौके पर पहुंचा तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई और विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्साए पड़ोसी ने ड्राइवर को थप्पड़ जड़ दिया। देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई और काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। पड़ोसी ने आरोप लगाया कि उनके घर के सामने गाड़ी खड़ी करके उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी घर में अचानक कोई इमरजेंसी हो जाए तो लोग बाहर तक नहीं निकल पाएंगे।
पड़ोसी का कहना था कि सुबह से ही इलाके में गाड़ियों का जमावड़ा है और पूरा मोहल्ला वाहनों से घिर गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यालय की ओर से पार्किंग और यातायात व्यवस्था के लिए कोई अतिरिक्त इंतजाम नहीं किए गए और ट्रैफिक पुलिस भी नदारद रही। साथ ही उन्होंने भाजपा कार्यालय पर सवाल उठाते हुए कहा कि कॉलोनी में कार्यालय नियमों के विपरीत संचालित किया जा रहा है।
बड़ी बैठक के बावजूद अतिरिक्त व्यवस्था न होने पर सवाल उठे। बैठक का कार्यक्रम पहले से तय था और नेताओं-कार्यकर्ताओं की भीड़ की संभावना भी थी, इसके बावजूद पार्किंग और यातायात को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। नतीजतन सड़क पर वाहनों की भरमार ने न सिर्फ यातायात को प्रभावित किया बल्कि स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मामले पर भाजपा प्रदेश मुख्यालय प्रभारी जगमोहन सिंह रावत ने कहा कि नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्वयं ध्यान रखना चाहिए कि किसी के घर के गेट के सामने वाहन खड़ा न हो। उन्होंने माना कि संभवतः भूलवश गाड़ी पड़ोसी के गेट के सामने खड़ी कर दी गई होगी, जिससे वह नाराज हो गए। कार्यालय पर लगे आरोपों पर उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रदेश कार्यालय वर्षों से इसी स्थान पर संचालित हो रहा है और बड़े कार्यक्रमों के दौरान कई बार ऐसी परेशानियां सामने आती हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़े राजनीतिक आयोजनों के दौरान आम जनता की सुविधा और यातायात व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारी किसकी है। स्थानीय लोगों की नाराजगी और हंगामे ने यह साफ कर दिया कि राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ प्रशासनिक और संगठनात्मक व्यवस्थाओं पर भी गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है।

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