रुद्रपुर। एसआईआर को लेकर विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला आमने-सामने आ गए है। एक तरफ बेहड़ ने कांग्रेसियों के साथ एसडीएम कार्यालय पर धरना देकर एसआईआर में लगी आठ हजार आपत्तियों पर सवाल उठाते हुए भाजपाइयों पर मुस्लिम मतदाताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। वहीं राजेश शुक्ला ने तहसील मुख्यालय पर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ धरना देकर बेहड़ पर यूपी के मतदाताओं का उत्तराखंड में वोट बनवाकर संरक्षण देने का आरोप लगाया। दोनों ने लगभग एक घंटा तक धरना-प्रदर्शन कर एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। एसडीएम गौरव पांडेय ने दोनों पक्षों के धरनास्थल पर पहुंच कर एसआईआर में पारदर्शिता का भरोसा दिलाया।
विधायक तिलकराज बेहड़ के आरोप
किच्छा। विधायक तिलकराज बेहड़ ने आरोप लगाया कि 1.21 लाख वोटों का सत्यापन हो चुका है। इसके बावजूद सत्ता के इशारे पर गलत तरीके से आपत्ति दर्ज की जा रही है। आपत्ति के माध्यम से मुस्लिम वर्ग को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें बहुसंख्यक वोटों की भी चिंता है, लेकिन लगातार आपत्ति अल्पसंख्यकों पर लगाई जा रही है। मुस्लिम मतदाताओं के खिलाफ 12 अगस्त को 1052 आपत्ति लगाई गई हैं। वहीं भाजपाइयों का दावा है कि वह आठ हजार आपत्ति लगा चुके हैं। बीएलओ के एप काम नहीं करने के कारण उनके पास आपत्ति नहीं पहुंच पा रही है। लगाई गई आपत्ति बीएलओ की जांच के बगैर स्वत: ही वेरीफाई हो जा रही हैं, जोकि चिंता का विषय है। बेहड़ ने सवाल उठाया कि बगैर सबूत के भाजपा के लोग कह रहे हैं कि उन्होंने डबल वोट पकड़े हैं तो अभी तक बीएलओ का क्या कर रहे थे। भाजपा के इशारे पर सारा खेल चल रहा है। इस लड़ाई को लड़ते हुए वह हाईकोर्ट जाएंगे।
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के आरोप
किच्छा। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि विधायक बेहड़ लोकतंत्र के खिलाफ व अवैधनिक तरीके से एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर आईएसआर प्रक्रिया बंद करने की मांग कर रहे हैं। आरोप लगाया कि बेहड़ ने वर्ष 2022 के चुनाव से पहले गुपचुप तरीके से यूपी के बहेड़ी, मीरगंज, बरेली, पूरनपुर, पीलीभीत, बिलासपुर, शीशगढ़ जैसी विधानसभाओं से करीब 10 हजार से अधिक मतदाताओं का वोट यहां बनवाया है। इनके वोट दोनों स्थानों पर हैं। उनकी टीम ने मेहनत कर ऐसे 8184 लोग चिह्नित किए हैं, जिनके दो जगह वोट हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत की गई है। चुनाव आयोग के निर्देश पर सभी शिकायत दर्ज की गई हैं। इन पर जांच हो रही है, लेकिन विधायक के लोग आपत्तिकर्ताओं को धमका रहे हैं। विधायक प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए धरना देकर एसआईआर को रोकना चाहते हैं। एसआईआर अगर रुक गया तो पारदर्शिता के साथ चुनाव नहीं होंगे। शुक्ला ने डबल वोटरों के वोट खारिज करने की मांग की।
एसआईआर पर विधायक बेहड़ और पूर्व विधायक शुक्ला आमने-सामने
RELATED ARTICLES

